Sunday, 5 April 2015

मेरी बात

मैं 52 वर्षीय चुकता हुआ पत्रकार हूं। चुकता हुआ इसलिए क्योंकि आज के इस नए दौर में उद्योगों में कार्य करने के लिए अधिकतम उम्र 35 वर्ष मानी जाती है इस दृष्टि से मैं चुक रहा हूं परंतु मेरे अनुसार से मेरी उम्र दुनिया को उसके पूरे आयाम के साथ देखने की हो गई है। इसके साथ ही बहुत सा अनुभव भी उम्र के इस पड़ाव में संचित हो गया है। इससे मुझे लगता है कि शायद मेरी समझ दूसरों से कई मामलों में कुछ अलग होगी। चूंकि ब्लाग लेखन एक कष्ट साध्य विषय है जो मेरे लिए न तो संभव है और न मेरी प्राथमिकता ही है फिर भी मुझे ब्लाग लेखन में उतरना पड़ रहा है। ब्लाग का नाम द्वितीय प्रकाशन इसलिए रख रहा हूं क्योंकि स्थानीय समाचार पत्र में काम करने के कारण मेरे उत्पादन के प्रथम प्रकाशन का अधिकारी मेरा समाचार पत्र है। उसमें छपने के बाद उसे इस ब्लाग में स्थान दिया जाएगा।

चूंकि मेरी वृत्ति पत्रकारिता है मुझे अपने लेखन के लिए पुराने लेखों की भी जरूरत पड़ती है इसलिए इस ब्लाक को बना रहा हूं। अगर आपको मेरे लेख व समाचार पसंद आए तो मेरी खुशकिस्मती अन्यथा मुझे तो अपने रिकार्ड के लिए कहीं न कहीं अपना लेखन बैंक बनाना ही है।
- प्रमोद ब्रह्मभट्ट 

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