Tuesday, 21 April 2015

जिले में परिवार नियोजन हुआ आधा


0 सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, नहीं ले रहे चिकित्सक कोई रिस्क
रायपुर। पिछले साल हुए बिलासपुर नसबंदी कांड के कारण रायपुर जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम पर असर पड़ा है। इस कांड के चलते जहां जिले में प्रतिवर्ष 12 सौ से 13 सौ नसबंदी होती थी वहीं बीते वर्ष में नसबंदीकरण मात्र आधी हो गई है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष हुए बिलासपुर नसबंदी कांड के बाद विभाग में नसबंदी कार्यक्रम बंद कर दिया गया था । बाद में जिलें में दिसंबर-जनवरी से नसबंदी करना प्रारंभ किया गया इसके चलते जिले में नसबंदी की संख्या लगभग 6 सौ ही पहुंच पाई जबकि जिले में नसंबदी का आंकड़ा हमेशा 12 सौ से लेकर 13 सौ पहुंचता था।
अधिकारियों ने बताया कि वैसे तो नसबंदी करने के लिए विभाग में कोई लक्ष्य नहीं दिया जाता है फिर भी जिले की जनसंख्या 22 लाख है के हिसाब से प्रतिवर्ष 12 सौ से 13 सौ नसबंदी होती है इसमें महिला तथा पुरुष नसबंदी दोनों शामिल हैं। बीते वर्ष चूंकि यह कार्यक्रम दिसंबर से ही शुरु  हुआ तथा पिछले वर्ष ही हुए बिलासपुर नसबंदी कांड की दहशत के कारण लोगों ने इस कार्यक्रम में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई इसलिए गुजरे वित्तीय वर्ष में जिले में मात्र 6 सौ नसबंदी ही संभव हो पाई ।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले 15 सालों से जिले में एक भी नसबंदी शिविर नहीं लगा है। 15 वर्ष पूर्व दूरबीन पद्धति से नसबंदी करने शिविर लगा करते थे परंतु उन शिविरों में हुई नसबंदियां बड़ी मात्रा में असफल होने के कारण नसबंदी शिविरों को बंद कर दिया गया। वर्तमान में जिले में स्थाई चिकित्सालयों में पारंपरिक रुप से नसबंदी की जाती है जिसमें पुरुषों की बिना चीरा लगाए तथा महिलाओं की पेट खोल कर नली को बांध कर नसबंदी की जाती है।

आयुर्वेदिक कालेज में नसबंदी बंद
चिकित्सकीय नियमों का कड़ाई से पालन करने का कारण विभाग ने आयुर्वेदिक कालेज में नसबंदी की सुविधा को हटा लिया है। अब एलोपैथिक अस्पतालों में ही नसबंदी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि अब नसबंदी में सभी तरह के नियमों का कड़ाई से पाल किया जा रहा है चिकित्सक एक बार में सिर्फ 20 मरीज की ही नसबंदी करते हैं बाकी को वापस भेज दिया जाता है किसी तरह का कोई जोखिम नहीं लिया जा रहा है।

जहरीली गोलियों के कारण हुआ था बिलासपुर नसबंदी कांड
पिछले वर्ष बिलासपुर का नसबंदी कांड उपचार के बाद दी गई जहरीली एन्टीबायोटिक की गोलियों के कारण हुआ था। इस तथ्य को स्वयं स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने स्वीकारा था। बिलासपुर नसबंदी कांड शिविर लगाकर आपरेशन करने के कारण हुआ था तथा इसमें 14 महिलाओं की जान गई थी। सरकार ने इस कांड में संलिप्त अधिकारियों को सस्पेंड किया था।

परिवार नियोजन का कोई लक्ष्य नहीं
परिवार नियोजन का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है। जरूरत के अनुसार हास्पिटल में नसबंदी की जाती है। राज्य में नसबंदी शिविर लगाकर नसबंदी करना गैर कानूनी है। जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम ठीक चल रहा है।
डा.के.आर.सोनवानी
मुख्यचिकित्सा  एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर    

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